Dard Bhari Shayari


Dard Bhari Shayari 

Dard Bhari Shayari




dard bhari shayari in hindi
Har kadam har pal saath hai
Door hoke bhee ham aapake paas hai
Aap ko ho na ho par hamen aapakee kasam
Aaap kee kamee ka har pal ehasaas hai

Best Hindi Shayari Collection
Gam mein hoon ya hoon shaad mujhe khud pata nahin
Khud ko bhee hoon main yaad mujhe khud pata nahin
Main tujhako chaahata hoon magar maangata nahin
Khuda meree aarazoo mujhe khud pata nahin.

dard shayari hindi
परवाह करो उसकी जो तुम्हारी परवाह करे
ज़िन्दगी में जो कभी रुसवा ना करे
जान बनके उतर जाओ उसकी जान में
जो जान से भी ज्यादा तुमको प्यार करे


Humein Dekh Kar Jab Usne Munh Mod Liya,
Ek Tasalli Ho Gayi Chalo Pehchante Toh Hain.
हमें देख कर जब उसने मुँह मोड़ लिया,
एक तसल्ली हो गयी चलो पहचानते तो हैं।


Ab Dard Uthha Hai Toh Ghazal Bhi Hai Jaroori,
Pehle Bhi Hua Karta Tha Iss Baar Bahut Hai.
अब दर्द उठा है तो गज़ल भी है जरूरी,
पहले भी हुआ करता था इस बार बहुत है।



Woh Toh Apna Dard Ro-Ro Kar Sunate Rahe,
Humari Tanhayion Se Bhi Aankh Churate Rahe.
Humein Hi Mil Gaya Khitab-e-Bewafa Kyunki,
Ham Har Dard Muskura Kar Chhupate Rahe.
वो तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे,
हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे,
हमें ही मिल गया खिताब--बेवफा क्योंकि,
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे।


Dard Humne Sambhala Hai Humne Aansu Bahaye Hain,
Beshak Wajah Tum The Par Dil Toh Humara Tha.
दर्द हमने संभाला है हमने आँसू बहाए हैं,
बेशक वजह तुम थे पर दिल तो हमारा था।


Yeh Bhi Ek Zamana Dekh Liya Hai Humne,
Dard Jo Sunaya Apna Toh Taliyan Baj Uthhi.
यह भी एक ज़माना देख लिया है हम ने,​
दर्द जो सुनाया अपना तो तालियां बज उठीं


दर्द--दिल की दास्तान, फिर भी वाह-वाह
यह ग़ज़लों की दुनिया भी अजीब है;
यहाँ आँसुओं का भी जाम बनाया जाता है;
कह भी देते हैं अगर दर्द--दिल की दास्तान;
फिर भी वाह-वाह ही पुकारा जाता है।

 दर्द शायरी  Dard Bhari Shayari



Very very very sad dard shayari on pyar & zindagi
जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुत
यादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत

पनपने नहीं देता कभी, बेदर्द सी उस ख़्वाहिश को
महसूस तुम्हें जो करने की, कोशिश करती है बहुत

दावे करती हैं ज़िन्दगी, जो हर दिन तुझे भुलाने के
किसी किसी बहाने से, याद तुझे करती है बहुत


आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो
जब भी मन में आये क्यों रुला देते हो
निगाहें बेरुखी हैं और तीखे हैं लफ्ज़
ये कैसी मोहब्बत हैं जो तुम मुझसे करते हो


मेरे बहते आंसुओ की कोई कदर नहीं
क्यों इस तरह नजरो से गिरा देते हो
क्या यही मौसम पसंद है तुम्हे जो,
सर्द रातो में आंसुओ की बारिश करवा देते हो


तीर दर्द का सा लगता है सीने में मेरे
जब कांपता देख भी तुम मुस्कुरा देते हो
लोग तो मुर्दे को भी सीने से लगा कर प्यार करते हैं
फिर क्यों मेरे करीब आकर तुम हर बार ज़ख्म नया देते हो


आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो
जब भी मन में आये क्यों रुला देते हो

Dard Bhari Shayari